Sunday, December 18, 2011

प्रेमचंद स्मृति कथा सम्मान

पाँचवा प्रेमचंद स्मृति कथा सम्मान इस वर्ष प्रसिद्ध कथाकार श्री सत्यनारायण पटेल को उनके कहानी संग्रह लाल छीट वाली लुगड़ी के सपने के लिए दिया गया है. इसके निर्णायक श्री ज्ञान रंजन,विश्वनाथ त्रिपाठी,रविभूषण थे, श्री रविभूषण ने अपना नाम नैतिक कारणों से वापस ले लिया था.क्योकि उनके भतीजे की भी प्रविष्टी इस सम्मान हेतु आई थी.शेष दोनों निर्णयको ने एकमत से श्री सत्यनारायण पटेल के नाम की संस्तुति की थी.वरिष्ठ कथाकार व पहल के संपादक श्री ज्ञान रंजन ने अपने निर्णय में कहा की प्रेमचंद की कहानियो के बाद बदलते आँचल और ग्रामीण  परिवेश का प्रमाणिक चित्रण रेणु,मार्कंडेय,अमरकांत,से होता हुआ शिवमूर्ति,हरनोट तक तो पंहुचा पर उसके बाद उसका आगामी छोर  अचानक लुप्त हुआ.इस छोर  को जीवंत करने उसकी नई खोज करने के लिए सत्यनारायण अपनी परिवर्तनकामी रचनाशीलता में सक्रिय है. वे हमें ताजा,मौलिक तरह से आश्वस्त कर रहे है.
                                      यह सम्मान बांदा के कलाप्रेमियो द्वारा गठित शबरी नाम की संस्था द्वारा प्रतिवर्ष दिया जाता है.इसके पूर्व यह सम्मान श्री प्रभात रंजन, सुभाष कुशवाहा, दिनेश भट्ट,मोह्हम्मद आरिफ,कैलाश वनवासी को दिया जा चूका है.जिसके निर्णायक श्री अमरकांत,नमिता सिंह,शिवमूर्ति,प्रोफ राजेन्द्रकुमार,कामतानाथ,संजीव,अखिलेश,मैत्रेयि पुष्पा,ममता कालिया रह चुकी है. इस सम्मान की पुरस्कार  १५००० रूपया है. इस वर्ष यह सम्मान २६ जनवरी को बांदा में दिया जायेगा.जिसके मुख्यअतिथि प्रखर आलोचक व सम्मानित कवि श्री विष्णु खरे के द्वारा दिया जायेगा.इस कार्यक्रम में श्री ज्ञान रंजन, विश्वनाथ त्रिपाठी,रविभूषण ,विनोद कुमार शुक्ल,शिवमूर्ति,वीरेन्द्र यादव,संजीव के आने की सम्भावना है. यह जानकारी शबरी के सचिव मयंक खरे ने दी.