यह देश अघोषित नहीं एक घोषित युद्ध पाकिस्तान के साथ लड़ रहा है .पठानकोट ,उरी अब
बारामुला . साहेब कब तक देश की जनता को भरमाते रहोगे.जो लोग मारे जा रहे है वह इसी समाज
के गरीब गुरवा लोग है जो रोज़ी रोटी की तलाश में नौकरी को गए है . इनके लिए राष्ट्र का मतलब अपने
बच्चो व परिवार की सुरक्षा है.इन्हें कही ब्यापार नहीं करना, किसी देश को एक्सपोर्ट- इम्पोर्ट करके पैसा नहीं
कमाना है. क्या वजह है की अब तक किसी पूँजी पति ने यह घोषणा नहीं की कि वह पाकिस्तान से सारे
व्यावसायिक रिश्ते ख़तम कर लेगा और वह भी सीमा में लड़ने के लिए अपना जन -धन सब लगा देगा .
तब यह कौन लोग है जो आपके साथ आपकी सारी विदेश यात्राओ में सरकारी ठाठ -बाठ के साथ ब्यापार
कर रहे है.
साहेब इस देश की जनता ने आपको इसलिए चुना है कही लोगो को लग रहा था की सॉफ्ट- स्टेट की छवि से हमारा बहुत नुक्सान हुआ है.अब बयान बाजी बहुत हो गई पाकिस्तान में घुसकर हमला कीजिये .पार्टी पोलटिक्स से ऊपर उठिये .राष्ट्र के खातिर एक- आध प्रदेश में सरकार बने न बने ,सर्जिकल -वर्जिकल का नगाडा बजे य न बजे .इस दीपावली में देश को पाकिस्तानी आतंकवाद से मुक्ति का तोहफा दीजिये .यह
बनारसी अंदाज में लड़ना बंद करिये,
बनारसी अंदाज में लड़ना बंद करिये,