बाँदा के बुद्धिजीवियों कलाप्रेमियों ने वर्ष २००७ में प्रेमचंद कि स्मृति में कथा सम्मान का आरम्भ किया था . इसमें अबतक पुरस्कार लेने वालो में प्रभात रंजन ,सुभाष कुशवाहा ,दिनेश भट्ट ,मो आरिफ , कैलाश वनवासी , व सत्यनारायण पटेल थे निर्णायक मंडल में श्री अमरकांत ,शिवमूर्ति ,नमिता सिंह ,प्रोफ राजेंद्र कुमार ,कामतानाथ ,ममता कालिया ,अखिलेश ,ज्ञानरंजन ,विष्णु खरे जैसे वरिष्ठ लोग रह चुके है .
यह पुरस्कार प्रतिवर्ष प्रेमचंद कि स्मृति में बाँदा से दिया जाता है . इस पुरस्कार कि राशि rs 21000 है .
इस वर्ष यह सम्मान श्री संजीव बक्सी को उनके उपन्यास "भूलन कांदा " के लिए दिया जा रहा है . इस वर्ष के निर्णायक विष्णु खरे व शिवमूर्ति थे .
संयोजक
मयंक खरे
यह पुरस्कार प्रतिवर्ष प्रेमचंद कि स्मृति में बाँदा से दिया जाता है . इस पुरस्कार कि राशि rs 21000 है .
इस वर्ष यह सम्मान श्री संजीव बक्सी को उनके उपन्यास "भूलन कांदा " के लिए दिया जा रहा है . इस वर्ष के निर्णायक विष्णु खरे व शिवमूर्ति थे .
संयोजक
मयंक खरे
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