बांदा के बुद्धिजीवियों कलाप्रेमियो ने शबरी नाम से एक संस्था का गठन किया है. यह समिति साहित्य, संस्कृति,समाज व राजनीति में जनता के गरीब व वंचित हिस्सों की दावेदारी और संघर्षो का बढ़ावा देने का काम करती है.यह समिति खास तौर पर ग्रामीण इलाको में रहने वाले खेती-किसानी व मजदूरी पर निर्भर जनसमुदाय के बीच लोकतान्त्रिक समतामूलक धर्मनिरपेक्ष समाज के निर्णय के लिए प्रयासरत व्यक्तियों व समूहों के साथ अंतर्क्रिया का मंच प्रदान करती है.यह समिति महिलाओ बाल श्रमिको और वरिष्ट नागरिको के प्रति होने वाले अन्यायों का प्रतिकार और उनके स्वाभिमान पूर्वक जीने के लिए वाजिब संघर्षो का समर्थन करती है.यह समिति प्रतिवर्ष महान कथाकार प्रेमचंद की स्मृति में कथा लेखन के लिए रूपए ११०००/ का प्रतिवर्ष सम्मान देती है.
यह समिति अपने उपरोक्त अभियान के लिए किसी तरह की कोई सरकारी मदद नहीं लेती है. प्रतिवर्ष समिति अपनी स्थानीय जनता की मदद से ही सारे आयोजन करती है.
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